हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर मुख्य रूप से 8 आपराधिक मामले (Criminal Cases) चल रहे हैं। ये जानकारी उनके 2024 के चुनावी हलफनामे (Affidavit) और कोर्ट रिकॉर्ड्स पर आधारित है।
इनमें से अधिकतर मामले सीबीआई (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज किए गए हैं, जो मुख्य रूप से जमीन आवंटन और भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े हैं।
नीचे सभी प्रमुख मुकदमों की लिस्ट और उनके करेंट स्टेटस (2025) की जानकारी दी गई है:
1. मानेसर जमीन घोटाला (Manesar Land Scam)
यह हुड्डा के खिलाफ सबसे चर्चित और गंभीर मामलों में से एक है। आरोप है कि हुड्डा सरकार ने मानेसर में किसानों की 400 एकड़ जमीन का अधिग्रहण (Acquisition) रद्द कर उसे प्राइवेट बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए छोड़ दिया, जिससे किसानों और सरकार को करीब 1,500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
जांच एजेंसियां: CBI और ED
करेंट स्टेटस (2025): यह मामला अब ट्रायल (सुनवाई) के अहम चरण में है।
नवंबर 2025 अपडेट: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हुड्डा की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने ट्रायल (मुकदमे) की कार्यवाही को टालने की मांग की थी।
कोर्ट के आदेश के बाद अब पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत में हुड्डा और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय (Framing of Charges) करने का रास्ता साफ हो गया है।
2. एजेएल (AJL) प्लॉट आवंटन मामला
यह मामला पंचकूला में एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) को नियमों को ताक पर रखकर प्लॉट फिर से आवंटित (Re-allotment) करने से जुड़ा है। आरोप है कि इससे सरकार को नुकसान हुआ और 'नेशनल हेराल्ड' चलाने वाली संस्था को फायदा पहुंचाया गया।
जांच एजेंसियां: CBI और ED
करेंट स्टेटस:
इस मामले में सीबीआई कोर्ट पहले ही हुड्डा के खिलाफ आरोप तय (Charges Framed) कर चुकी है।
फिलहाल यह मामला कोर्ट में गवाही और सबूतों के चरण (Evidence Stage) में है। ईडी ने इस मामले में हुड्डा और अन्य की करोड़ों की संपत्ति भी अटैच (कुर्क) की है।
3. पंचकूला इंडस्ट्रियल प्लॉट आवंटन (14 Industrial Plots Case)
आरोप है कि हुड्डा ने मुख्यमंत्री रहते हुए अपने चहेतों और रिश्तेदारों को पंचकूला में 14 कीमती औद्योगिक प्लॉट (Industrial Plots) कौड़ियों के दाम आवंटित कर दिए।
जांच एजेंसियां: CBI और ED
करेंट स्टेटस:
सीबीआई और ईडी दोनों ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल की है।
2021 में ईडी ने पंचकूला कोर्ट में अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint) दर्ज कराई थी। मामला अभी ट्रायल स्टेज पर है।
4. गुरुग्राम जमीन सौदा (रॉबर्ट वाड्रा / स्काई लाइट हॉस्पिटालिटी)
यह मामला गुरुग्राम के शिकोहपुर गांव में डीएलएफ (DLF) और रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी के बीच हुए जमीन सौदे से जुड़ा है। आरोप है कि हुड्डा सरकार ने नियमों में ढील देकर इस जमीन का लैंड यूज (CLU) बदला।
FIR नंबर: 288 (खेड़की दौला थाना, गुरुग्राम)
करेंट स्टेटस:
यह मामला अभी जांच के अधीन है। हुड्डा पक्ष का कहना है कि पुलिस ने बिना पूर्व मंजूरी (Section 17A) के यह केस दर्ज किया था, जिसे लेकर कानूनी लड़ाई जारी है। फिलहाल इसमें कोई सजा या ट्रायल पूरा नहीं हुआ है।
5. गुरुग्राम लैंड रिलीज केस (1417 एकड़ जमीन)
आरोप है कि 2009-2012 के दौरान गुरुग्राम में करीब 1400 एकड़ जमीन का अधिग्रहण शुरू किया गया, लेकिन बाद में बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए लगभग 95% जमीन अधिग्रहण से मुक्त (Release) कर दी गई।
जांच एजेंसी: CBI (केस दर्ज: 2019)
करेंट स्टेटस: सीबीआई ने इस मामले में हुड्डा के आवास समेत कई जगहों पर छापेमारी की थी। यह मामला अभी लंबित (Pending) है।
सारांश (Summary)
कुल केस: लगभग 8 (चुनावी हलफनामे के अनुसार)
गंभीरता: मानेसर और एजेएल मामले सबसे ज्यादा एडवांस स्टेज पर हैं।
ताजा स्थिति: हुड्डा अभी जमानत पर बाहर हैं, लेकिन नवंबर 2025 में हाईकोर्ट से झटका लगने के बाद मानेसर मामले में उन पर कानूनी शिकंजा कसता दिख रहा है, क्योंकि अब ट्रायल तेजी से चलेगा।

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